2 जुल॰ 2015

फेफड़ों के बारे में रोचक जानकारी



हमारे फेंफड़ों का मुख्य कार्य हमारे द्वारा ली गई सांसों से रक्तप्रवाह में ऑक्सीजन पहुँचाना तथा कार्बनडाईऑक्साइड बाहर निकलना है।

अधिकांश कशेरुकी प्राणियों (जिनमें रीढ़ की हड्डी होती है) के दो फेंफड़े होते हैं।

हमारा दायाँ और बायाँ फेंफड़ा एक जैसा नहीं होता। हमारा बायाँ फेंफड़ा हृदय को जगह देने के कारण थोड़ा छोटा होता है। वहीं हमारा बायाँ फेंफड़ा दो भागों में विभाजित रहता है जबकि दायाँ तीन भागों में।

क्या हम एक फेंफड़े के सहारे ज़िंदा रह सकते हैं? बिलकुल रह सकते हैं? दुनिया में कई लोग सिर्फ एक ही फेंफड़े के सहारे ज़िंदा हैं हालाँकि वे सामान्य व्यक्ति की तरह अधिक परिश्रम नहीं कर सकते।

जिन लोगों के फेंफड़ों की क्षमता या आयतन अधिक होता है वे पूरे शरीर में ऑक्सीजन तेज़ी से पहुंचा सकते हैं। आप अपने फेंफड़ों की क्षमता नियमित अभ्यास से बढ़ा सकते है।

आराम करते समय एक वयस्क मनुष्य एक मिनट में करीब 12 से 20 बार सांसें लेता है।

एक आम मनुष्य दिन भर में 11,000 लीटर वायु सांसों के माध्यम से अपने शरीर में ग्रहण करता है।

मेडिकल साइंस में फेंफड़ों का अध्ययन  पुलमोनोलॉजी (Pulmonology) कहलाता है।

धूम्रपान से फेंफड़ों का कैंसर हो सकता है।

दमे का रोग फेंफड़ों से जुड़ा एक प्रचलित रोग है। दमे का प्रभाव तब होता है जब श्वास नली में संकुचन पैदा हो जाता है, जिसका प्रमुख कारण बैक्टीरिया और धूम्रपान इत्यादि है।

निमोनिया एक खतरनाक बीमारी है। इसके कारण आप सांस से ली जाने वाली वायु में से ऑक्सीजन ग्रहण नहीं कर पाते।

सेहत बनाए अंकुरित मूंग



प्रकृति में आसानी से उपलब्ध अंकुरित मूंग आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत ही गुणकारी है। अंकुरित मूंग में कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है जिससे यह आपको फिट रखने में भी बहुत मदद करती है। आइए जानते हैं अंकुरित मूंग में कौन कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं - 

मूंग को अंकुरित करने की विधि

विटामिन K

हमारी बड़ी आंत में पाए जाने वाले बैक्टीरिया विटामिन K का निर्माण करते हैं लेकिन शरीर को आवश्यक मात्रा में नहीं। यह हमारी हड्डियों और हृदय में रक्त संचार प्रणाली के लिए बहुत आवश्यक है। अंकुरित मूंग में विटामिन K अच्छी मात्रा में उपलब्ध होता है।

विटामिन C

विटामिन C का एंटीऑक्सीडेंट गुण हमारी कोशिकाओं को फ्री रैडिकल से बचाता है जो कि कैंसर से लड़ने में बहुत मददगार है।

लौह तत्व (Iron)

अंकुरित मूंग में प्रचुर मात्रा में आयरन पाया जाता है। आयरन हमारे रक्त को शरीर में सुचारू रूप से ऑक्सीजन पहुँचाने में बेहद ज़रूरी है। इसके अलावा यह हमारी कोशिकाओं की वृद्धि में भी सहायक है जोकि हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए ज़रूरी है।

फ़ॉलेट

विटामिन B का एक प्रकार फ़ॉलेट हमारे शरीर में डीएनए बनाने में अहम भूमिका अदा करता है। साथ ही यह लाल रक्त कण बनने में भी महत्वपूर्ण कारक है। ये प्रक्रियाएं सभी के लिए ज़रूरी हैं लेकिन बढ़ते बच्चों के विकास में तो ये एकदम ज़रूरी घटक हैं। इसलिए बच्चों को अंकुरित मूंग अवश्य देना चाहिए।

अंकुरित मूंग के सम्बन्ध में कुछ चेतावनी

अंकुरित मूंग में बहुत मात्रा में बैक्टीरिया पाए जाते हैं इसलिए बहुत छोटे नवजात शिशुओं और गर्भवती स्त्रियों को इसके सेवन से बचना चाहिए। बहुत बूढ़े लोग भी जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो गई हो वो भी इन बैक्टीरिया के दुष्प्रभाव से लड़ने में इतने सक्षम नहीं होते उन्हें भी इसे कच्ची खाने की सलाह नहीं दी जाती। ऐसे लोगों को अंकुरित मूंग पकाकर ही खानी चाहिए।

मूंग को अंकुरित करने की विधि



अंकुरित होने के बाद मूंग और भी अधिक गुणकारी हो जाती है। यह लो-कैलोरी और पोषक तत्वों से भरपूर होती है। आइए जानते हैं मूंग को अंकुरित कैसे करें - 

सबसे पहले मूंग को साफ़ कर लें जिससे उसमें किसी तरह के कंकड़-पत्थर एवं अशुद्धियाँ निकल जाएं। इसके बाद उसे धोकर 6 से 8 घंटों के लिए पानी में भिगो दें। इसके बाद इसे छानकर दोबारा धो लें। फिर इसे 10 से 12 घंटों के लिए सूती कपड़े में लपेटकर लटका दें। कपड़ा सूखने पर इसे बार बार गीला करते रहें। 10 से 12 घंटों में आपकी मूंग अंकुरित हो जाएंगी और फिर वे आपके खाने के लिए तैयार हैं।

गाय के दूध के १० गुण

गाय का दूध बाकी सभी पशुओं से मिलने वाले दूध से बहुत अलग है। जानते हैं गाय के दूध के १० गुणों के बारे में -

स्वादु शीतं मृदु स्निग्धं बहलं श्लक्ष्ण पिच्छिलम्।
गुरु मन्दं प्रसन्नं च गव्यं दशगुणं पयः॥


गाय के दूध में ये दस गुण होते हैं - स्वादिष्ट, ठंडा, कोमल, चिकना, गाढ़ा, सौम्य लसदार, भारी और बाह्य प्रभाव को विलम्ब से ग्रहण करने वाला तथा मन को प्रसन्न करने वाला।

इतना ही नहीं प्रातर्दोह (सुबह के समय दुहा हुआ), संगव (दोपहर के समय दुहा हुआ) एवं सायंदोह (शाम के समय दुहा हुआ) दूध भी अलग-अलग प्रभाव रखता है। सुबह का दूध वीर्यवर्धक एवं अग्निदीपक, दोपहर का दूध बलकारक, बच्चों की वृद्धिकरक बूढ़ों में क्षयनाशक, मंदाग्नि नष्ट करने वाला, पित्त को हरने वाला एवं कफनाशक तथा शाम का दूध अनेक दोषों को नष्ट करने वाला होता है।

गाय का धारोष्ण (थनों से तुरंत निकला हुआ दूध) सभी असाध्य से भी असाध्य रोगों का नाश कर डालता है।

अतः गाय का दूध सदा सेवनीय है।

1 जुल॰ 2015

मोटापा दूर करें



साधारणतः मोटापे की पहचान है कि जितने इंच ऊंचाई हो उतने ही किलोग्राम वज़न होना चाहिए इससे कम होने पर पतला और अधिक होने पर मोटा कहा जायेगा।

बचपन में दौड़भाग करते रहने के कारण शरीर में फालतू चर्बी जमा नहीं हो पाती लेकिन जैसे-जैसे हम बड़े होते जाते हैं शारीरिक श्रम के आभाव में शरीर पर चर्बी जमा होने लगती है। चर्बी के कारण रक्त संचार में बाधा उत्पन्न होती है एवं रक्तवाहिनियों में वसा के कारण कोलेस्ट्रॉल जमा हो जाता है जिससे बी.पी. एवं हृदयरोग घर कर जाते हैं। रक्त संचार कम होने पर रोग प्रतिरोधक क्षमता भी घट जाती है और तमाम बीमारियों का खतरा पैदा हो जाता है।

मोटापा दूर करने या इससे बचने के दो उपाय हैं, पहला है - भोजन सुधार और दूसरा है - प्रतिदिन शारीरिक श्रम। जिन पदार्थों में कार्बोहायड्रेट अधिक हो उन्हें त्याग दें जैसे तेल, घी, आलू, शकरकंद और चीनी। सुबह जल्दी उठकर एक गिलास गुनगुने पानी में एक नीम्बू और 1 से 2 चम्मच शहद मिलकर नित्य पियें। इसके बाद शौच के लिए जाएं। फिर 3 से 4 किलोमीटर टहलें और हल्का व्यायाम करें।

नाश्ते में पराठें, ब्रैड, सीरियल या पोहे की जगह रसदार फल खाएं और मख्खन निकला मट्ठा पियें।

दोपहर और रात के भोजन में गेंहू की जगह जौं के आटे की एक-दो रोटी लें, उबली या कम घी में फ़्राय सब्ज़ी तथा सूप लें। डब्बाबंद तेल का प्रयोग कभी ना करें।

खाने के तुरंत बाद पानी पीने से भी मोटापा बढ़ता है क्यूंकि इससे जठराग्नि मंद होती है और शरीर खाने को ऊर्जा की बजाय चर्बी में बदल देता है।

क्रोध, चिंता और शोक ये स्वास्थ्य और सौंदर्य का नाश करते हैं अतः इनसे बचें।

चुटकुला: स्वर्ग के देव और लालू



एक बार एक देव ने पृथ्वीलोक के तीन नेताओं को सही उत्तर बताने पर स्वर्ग का न्योता भेजा। इसमें तीन नेता चुने गए-

1. सोनिया गाँधी
2. नरेंद्र मोदी
3. लालू प्रसाद यादव


देव का पहला सवाल - 

सोनिया से: चूहा की स्पेलिंग बताओ।
सोनिया: RAT
मोदी से: बिल्ली
की स्पेलिंग।
मोदी: CAT

लालू से: चकोस्लोवाकिया की स्पेलिंग।
लालू: धत बुड़बक! इ सबसे चूहा-बिल्ली, आ हमरा से चकोस्लोवाकिया। ई सब नए होगा फेर से
पुछिये।


देव बोले, ठीक है अगला सवाल -


सोनिया से: यह एक लडका है , की अंग्रेजी बताओ।
सोनिया: This is a boy
मोदी से: वह एक लडकी है ,
की अंग्रेजी बनाओ।
मोदी: That is a girl
लालू से: हरा पेड़ चर्रर्रर्र से गिर गया, की अंग्रेजी बनाओ।
लालू: ई का उ सबसे लड़का -लड़की, आ हमरा से चर्रर्र पर्रर्र। फेर से फेर से नै-नै फेर से, फेर से होगा।
देव बोले, लालू जी आप तो बच्चों की तरह जिद कर रहे हैं। आखिरी मौका दे रहा हू बस।


सोनिया से: जलियावाला बाग हत्याकांड कब हुआ था?
सोनिया: 1919 में।
देव: ठीक है स्वर्ग मे जाओ।
मोदी से: उस हत्याकांड मे कितने लोग मरे थे?
मोदी: यही कोई दस हजार लोग।
देव: ठीक है स्वर्ग मे जाओ।
लालू से: उन दस हजार के नाम बताओ।
लालू बेहोश

जानिए किन लोगों के लिए दिन में सोना निषेध नहीं है



वैसे तो दिन में सोना वर्जित है पर आयुर्वेद के अनुसार इन लोगों के लिए दिन में सोना निषेध नहीं है -

१) अति अध्ययन या अति मानसिक कार्य से थके हुए लोग,

२) जिसे वमन या अतिसार हुआ हो,

३) जो शारीरिक श्रम करता हो अथवा पैदल यात्रा करता हो,

४) जसका भोजन अच्छे से पच गया हो,

५) जिसे फेफड़ों की बीमारी हो या श्वासरोग से ग्रस्त हो,

६) जिसे चोट लगी हो,

७) जो पागल हो,

८) जो नियमित रात्रिजागरण करता हो जैसे प्रहरी सैनिक इत्यादि,

९) जो भय, क्रोध आदि मनोवेगों से गंभीर रूप से ग्रस्त हो,

१०) छोटे बच्चे एवं वृद्ध।

उपरोक्त अवस्थाओं वाले व्यक्ति दिन में सो सकते हैं। ऐसे व्यक्ति यदि दिन में सोते हैं तो उनकी धातुएं सम हो जाती हैं एवं शरीर में बल एवं क्षमत्व की वृद्धि होती है।

इसके अतिरिक्त ग्रीष्म ऋतु में प्रत्येक व्यक्ति को दिन में निद्रा सेवन करना चाहिए क्योंकि ग्रीष्म ऋतु में सूर्य की किरणें शरीर से जल का शोषण करती हैं परिणामतः शरीर में सूखेपन के कारण वायु का संचय होने लगता है। ऐसे में जब गर्मियों में व्यक्ति दिन में सोता है तो कफ की वृद्धि होती है और वायु का शमन होता है।

यह भी पढ़ें